एटीएम कार्ड की क्लोंनिंग कर खाते खाली करने वाले तीनों सदस्यों को किया गया गिरफ्तार

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एटीएम कार्ड की क्लोंनिंग कर खाते खाली करने वाले तीनों सदस्यों को किया गया गिरफ्तार

नई दिल्ली। एटीएम कार्ड की क्लोंनिंग कर खाता धारकों के खाते खाली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल तीनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। मशीन में स्कीमर डिवाइस लगाकर गिरोह के सदस्य डाटा चोरी किया करते थे। आरोपितों के पास मैग्नेटिक कार्ड रीडर, वाईफाई कैमरा व ब्लैंक एटीएम कार्ड समेत अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। गिरोह का खुलासा उस बैंक खाते से हुआ जिसमें एक ठग ने क्लोनिंग से निकाली गई रकम जमा कराई थी। यह बैंक खाता उसकी बहन का था। कोतवाली पुलिस के अनुसार बीते साल 21 दिसम्बर को सिमरनजीत सिंह निवासी धामावाला ने शिकायत देते हुए बताया था कि उनका बैंक खाता सिमरन ज्वेलर्स के नाम से एसबीआई शाखा कचहरी में है। इस खाते से 21 दिसम्बर को उनके मोबाइल पर दो लाख पांच हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। उसने खाते से रकम नहीं निकाली थी और एटीएम कार्ड भी उनके पास था। बैंक स्टेटमेंट्स से पता चला कि यह रकम रोहिणी दिल्ली के एटीएम से निकाली गई है।

जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच टीम ने शिकायतकर्ता सिमरनजीत के एकाउंट की डिटेल्स देखी। पता चला कि रकम रोहिणी दिल्ली के एटीएम से निकाली गई है। टीम ने इस एटीएम की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में दो लोग रकम निकालते दिखाई दिए। फुटेज से पता चला कि रकम निकालने वाले एक शख्स ने रकम निकालने के बाद दूसरे एकाउन्ट में रकम जमा भी कराई है। पुलिस ने बैंक जाकर इस एकाउंट की जानकारी ली। पता चला कि यह एकाउन्ट किसी बबिता निवासी हिसवा जिला नवादा बिहार के नाम पर है। जिसमे पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस खाते के पते को वेरिफाई करने के लए टीम दिल्ली से नवादा बिहार पहुची। बबीता से पता चला कि उसके खाते को उसका भाई रोहित उर्फ चमन इस्तेमाल करता है। इस पर रोहित उर्फ चमन से स्थानीय हिसवा थाने में पूछताछ की गई। पता चला कि रोहित ने अपने दो साथियों आयुष कुमार और रंजीत सिंह के साथ घटना को अंजाम दिया था।

आयुष उसके ही गांव का रहने वाला है और दिल्ली में पढ़ाई करता है। रंजीत सिंह देहरादून में मोतीमहल होटल में वेटर है। आयुष ने स्कीमर डिवाइस मंगाया। उसे रंजीत को दे दिया। रंजीत ने स्कीमर से एक शख्स का डाटा चोरी किया। उस व्यक्ति द्वारा मशीन में कोड डालते समय उसका कोड देख लिया। रंजीत ने स्कीमर आयुष को दे दिया। आयुष ने उस स्कीमर से क्लोन एटीएम तैयार किया। दोनों ने रोहिणी में ही एक एटीएम से उस खाते में मौजूद दो लाख पांच हजार रुपये निकाल लिए। इस रकम को उन्होंने आपस में बांट लिया। इसमें से चमन ने पांच हजार रुपये अपनी बहन बबीता के खाते में जमा किए। पुलिस रोहित उर्फ चमन को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दून लेकर आई। आज सूचना मिली कि एटीएम क्लोनिंग कर खाता खाली करने वाले गिरोह के दो ठग आज दून में हैं और दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आने वाले हैं। पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन से एटीएम फुटेज से मिली फ़ोटो से पहचान कर गिरोह के दोनों ठग सदस्यों को रंजीत सिंह निवासी कुष्ठ आश्रम देवी तालाब चौक जालंधर पंजाब ( हाल किरायेदार लास्ट इंदर रोड शिवपुरी कॉलोनी रायपुर) और आयुष कुमार निवसी ग्राम दौलतपुर सीतामढ़ी जिला नवादा बिहार ( हाल पता थाना बुराड़ी नई दिल्ली) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से स्कीमर समेत अन्य डिवाइस बरामद किए गए।

 

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शिवानी रोजगार रथ में रिपोर्ट है। शिवानी ने राजनीति, बिजनेस और अन्य न्यूज़ से संबंधित कई न्यूज़ लिखी है। उन्होंने वर्ष 2014 से रिपोर्टिंग शुरू की थी। दो साल के बाद शिवानी ने वर्ष 2016 से रोजगार रथ में काम करना शुरू किया।