छात्रा ने खुद मारी थी गोली, पुलिस को छत पर मिला 315 बोर का कट्‌टा

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छात्रा ने खुद मारी थी गोली, पुलिस को छत पर मिला 315 बोर का कट्‌टा

ग्वालियर | सत्यनारायण मोहल्ले में छात्रा की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस को कट्टा छत पर ही उस जगह से कुछ दूरी पर मिला, जहां पर छात्रा ने खुद को गोली मारी थी। पुलिस छात्रा की मौत को आत्महत्या मान रही है लेकिन कट्टा छात्रा के पास से दूर कैसे पहुंचा, इसकी जांच कर रही है। छात्रा के पास कट्टा कहां से आया और उसे कारतूस लोड करना किसने सिखाया, यह भी पुलिस की जांच का बिंदु है।

सत्यनारायण मोहल्ला में रहने वाले वीरेंद्र उर्फ बंटा यादव की बेटी दीक्षा (14) को उनके घर की छत पर संदिग्ध परिस्थितियाें में गोली लग गई थी। गोली सीने में लगी थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दीक्षा पुलिस को बयान भी नहीं दे पाई थी। पुलिस दीक्षा की मौत के बाद फिर हथियार तलाश करने पहुंची तो छत पर ही वह 315 बोर का कट्टा भी मिल गया, जिससे दीक्षा को गोली लगी थी।

सीने पर गोली लगने से आई ब्लैकनिंग के आधार पर पुलिस ने माना है कि गोली दीक्षा ने खुद ही मारी होगी। लेकिन खुद गोली मारने की अवस्था में कट्टा नजदीक ही मिलता, वह दूर कैसे पहुंचा यह भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को आशंका इस बात की भी है कि घटनास्थल से सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो। ग्वालियर थाना टीआई मदनमोहन मालवीय ने कहा कि कट्‌टा छात्रा तक कैसे पहुंचा और लोड करना किसने सिखाया, इसकी जांच कर रहे हैं।

कट्टा कहां से आया, कारतूस किसने लोड किया: पुलिस ने फिलहाल दीक्षा के परिजन से कट्टे के बारे में पूछताछ नहीं की है। पुलिस अफसरों का कहना है कि परिजन के शोक से उबरने के बाद इस बारे में पूछताछ करेंगे। पुलिस को यह भी पता करना है कि कट्टा कहां से आया, छात्रा के पास कैसे पहुुंचा और उसे कट्टा लोड करके दिया गया था या फिर कारतूस लोड करना सिखाया गया था। पुलिस को पता यह भी चला है कि कट्टा छात्रा तक परिवार के किसी नजदीकी ने पहुंचाया है।

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Vikas das
विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।