निगम के शिक्षक यूनियन को मान्यता देने का कार्यरत शिक्षकों ने किया विरोध

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निगम के शिक्षक यूनियन को मान्यता देने का शिक्षकों ने किया विरोध

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों की यूनियन को मान्यता देने की योजना का निगम में कार्यरत शिक्षकों ने ही विरोध करना शुरू कर दिया है। दरअसल, हाल ही में जारी एक आदेश के मुताबिक शिक्षक संगठनों से उनके सदस्यों का ब्योरा तीन हफ्तों में उपलब्ध कराने को कहा गया है| जिसके खिलाफ शिक्षक यूनियनों ने न सिर्फ अपने तेवर कड़े कर लिए हैं बल्कि आदेश का विरोध करना भी शुरू कर दिया है। इस आदेश में शिक्षक यूनियन को एक निगम के लिए मान्यता देने की बात कही गई है जबकि यूनियन तीनों निगम से संयुक्त मान्यता चाहती है।

शिक्षकों के मुताबिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग ने एकाएक शिक्षक संगठनों की मान्यता को रद्द कर दिया था जिसके कारण शिक्षक समाज से जुड़ी हुई समस्याओं को संगठन उठा ही नहीं पा रहे हैं। हाल ही में जारी आदेश के तहत शिक्षा विभाग ने 25 जून से लेकर 17 जुलाई के बीच मान्यता संबंधी सभी कागजात जमा कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सख्ती से लिखा है कि इसके बाद प्राप्त आवेदनों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हैरत की बात है कि मान्यता प्रदान करने से संबंधित कार्य पिछले दो सालों से जारी है और इसके बावजूद किसी भी संगठन को मान्यता नहीं दी गई है। गौरतलब है कि इस संबंध में बीते 13 मई को आदेश जारी किया गया था। इस संबंध में नगर निगम शिक्षक संघ के महासचिव राम निवास सोलंकी का कहना है कि तीनों निगम की एक यूनियन होनी चाहिए क्योंकि तीनों निगम के कार्य आपस में बंटे हुए हैं जैसे शिक्षकों की नियुक्ति का कार्य दक्षिणी दिल्ली नगर निगम करता है तो पदोन्नति उत्तरी दिल्ली नगर निगम करता है। इसके साथ ही तीनों निगम के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची भी एक ही है जिसे दक्षिणी निगम तैयार करता है। लिहाजा, तीनों निगम में शिक्षक यूनियन को मान्यता पूर्व की भांति मिलनी चाहिए।

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ऋषीश पांडे रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक है। वे पहले समाचार प्रभात में संवाददाता का काम भी कर चुके है। ऋषीश पांडे ने इंदौर स्टेट यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और आधुनिक यूनानी अध्ययन में मास्टर डिग्री की है। संवाददाता के क्षेत्र में उन्हें काफी अच्छा अनुभव है।