गुजरात: दलितों को बारात निकालने से रोकने पर होगी कड़ी कार्रवाई

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गुजरात: दलितों को बारात निकालने से रोकने पर होगी कड़ी कार्रवाई

अहदमदाबाद। गुजरात में एक में हफ्ते में चार दलितों को घोड़ी पर बरात निकालने से रोके जाने का मामला सामने आया था| कुछ समूहों द्वारा दलितों को बारात निकालने से रोके जाने की कुछ घटनाओं को देखते हुए राज्य की भाजपा सरकार ने बुधवार को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि सरकार के इस तरह के ‘‘खोखले वादों’ से दलितों को ‘‘न्याय’ नहीं मिलता। गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कांग्रेस पर दलितों एवं अन्य समुदायों के बीच अलगाव पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने मेहसाना के लहोर गांव में हुई एक घटना का हवाला दिया जहां दो सप्ताह पहले घोड़ी पर चढ कर दलित दूल्हे के बारात निकालने के बाद सरपंच सहित कुछ स्थानीय नेताओं ने सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।

जडेजा ने बताया, गुजरात सरकार हमेशा दलितों के साथ है। उन्हें भी अन्य लोगों की तरह बारात निकालने का अधिकार है। हमारी सरकार हाल की कुछ घटनाओं को लेकर भी चिंतित है। मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूं कि इन घटनाओं के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मंत्री ने कहा, कुछ लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए समुदायों के बीच अलगाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

लहोर गांव में, हमने दलितों का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा करने के लिए पहले ही सरपंच सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि सरपंच कांग्रेस समर्थक है। एक अन्य आरोपी कांग्रेस का स्थानीय प्रतिनिधि है। जडेजा ने समाज के सभी वगरें से समाज में सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए सरकार के साथ काम करने का भी अनुरोध किया। इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए गुजरात कांग्रेस के प्रभारी राजीव सातव ने दावा किया कि सरकार कार्रवाई करने के बजाए केवल खोखले वादे कर रही है।

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रश्मी शाह रोजगार रथ में सहायक संपादक है। इससे पहले इन्होंने आजतक अखबार के लिए उप संपादक का काम किया है। हरीभूमी अख़बार में लेखन का काम भी किया है। रश्मी ने मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है।