सुप्रीम कोर्ट: चेन्नई के अस्पताल की पांच मंजिलें गिराने के आदेश पर रोक

0
9
सुप्रीम कोर्ट: चेन्नई के अस्पताल की पांच मंजिलें गिराने के आदेश पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें चेन्नई में स्वीकृत नक्शे का कथित रूप से उल्लंघन कर बनाए गए आठ मंजिला अस्पताल की पांच मंजिलें गिराने का आदेश दिया गया था। जस्टिस इन्दु मल्होत्रा और मुकेश कुमार शाह की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही बिलरॉथ हास्पिटल्स लिमिटेड को निर्देश दिया कि ऊपर की पांच मंजिलों का किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए। अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अस्पताल की याचिका पर तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया है।

इसके साथ ही अदालत ने अस्पताल को ऊपर की पांच मंजिलों को खाली करने के लिए दस दिन का समय दिया है। हाई कोर्ट ने 16 जून से इन मंजिलों को गिराने का काम शुरू करने का आदेश दिया था। अस्पताल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से कहा कि उसने तमिलनाडु के भवन नियमित करने संबंधी 2017 की योजना के तहत आवेदन किया था।

उन्होंने कहा कि 2017 की योजना से संबंधित मामला लंबित है लेकिन हाई कोर्ट ने एक अलग अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए योजना को निरस्त कर दिया था। इससे पहले, मामले की सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘यह पूरी तरह किसी अधिकृत नक्श के बगैर ही है। तीन मंजिलों की अनुमति दी गयी थी और इससे आगे निर्माण की अनुमति नहीं थी।’’ सिंघवी ने पीठ से कहा कि 250 बिस्तरों वाला यह अस्पताल 2005-06 से है और प्राधिकारी एक महीने के भीतर इसे नियमित करने संबंधी आवेदन पर निर्णय ले सकते हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम सिर्फ इसलिए नोटिस जारी कर रहे हैं क्योंकि उच्च न्यायालय ने अवमानना मामले में योजना निरस्त की है।’’ सिंघवी ने जब उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, ‘‘फिलहाल हम रोक लगा देंगे लेकिन आप इन मंजिलों का उपयोग नहीं करेंगे। आपने किसी स्वीकृत नक्शे के बगैर ही आठ मंजिल तक निर्माण किया है।’पीठ ने कहा कि इस मामले में अब ग्रीष्मावकाश के बाद आगे की सुनवाई की जायेगी।

शेयर करें