एसटीएफ ने अवैध देशी शराब सहित सात अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

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एसटीएफ ने अवैध देशी शराब सहित सात अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

लखनऊ। एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र स्थित नार्थ इंडिया कालेज पिंक सिटी के पास से अरुणाचल प्रदेश से तस्करी कर लायी गयी भारी मात्रा में लगभग 23 लाख रुपये की अवैध देशी शराब सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पूर्वी उप्र के विभिन्न जनपदों में हरियाणा, पंजाब एवं अरुणाचल प्रदेश की प्रतिबंधित शराब की तस्करी कर उप्र में प्रचलित देशी शराब के ब्रांडों के रैपर, होलोग्राम, ढक्कन आदि लगाकर बेचने वाले सक्रिय गिरोह की सूचनायें प्राप्त हो रही थीं।

एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि अरुणाचल प्रदेश से तस्करी कर लायी गयी शराब लखनऊ के एक गोदाम से आस-पास के जनपदों में सप्लाई/ बिक्री की जा रही है। पारा थाना क्षेत्र के नार्थ इण्डिया कालेज पिंक सिटी स्थित गोदाम पर पहुंचकर घेराबन्दी कर तस्करों की गिरफ्तारी और अवैध माल बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि यह गोदाम कादिर खां का है, जिसे अनिल जायसवाल ने किराये पर ले रखा है। सभी लोग अनिल जायसवाल की नौकरी करते हैं। अनिल जायसवाल दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी कर गोदाम में एकत्रित करते हैं। वे लोग शराब की बोतलों के ढक्कन, होलोग्राम व रैपर को बदलकर विण्डिज देशी शराब की लगा देते हैं।

बाद में पैकिंग कर अनिल जायसवाल इनकी सप्लाई लखनऊ व आस-पास के जनपदों में करता है। बाहरी शराब का मूल्य उप्र से काफी कम होने के कारण शराब की तस्करी की जाती है और स्थानीय ब्रांड के रैपर आदि लगाकर बेची जाती है, जिसमें अनिल जायसवाल को भारी लाभ प्राप्त होता है।गिरफ्तार अभियुक्तों में राम खेलावन निवासी बाराबंकी, कन्हई लाल निवासी बस्ती, अभिषेक सिंह , विकास सिंह, उग्रसेन सिंह तीनों देवरिया, दिनेश रावत गोरखपुर और बाराबंकी निवासी मन कुमार मुख्य हैं। इनके पास से 1664 पेटी देशी शराब, 16 हजार नये ढक्कन विण्डिज देशी शराब जिस पर रोडिको खेतान लिमिटेड लिखा है, लाखों की मात्रा में रैपर, होलोग्राम, पुराने ढक्कन, खाली बोतल, भारी मात्रा में खाली पैकिंग काटरून, पूराने पैकिंग काटरून, 4 मोबाइल और 1430 नकद बरामद किया है।

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Vikas das
विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।