किसानों के मध्य एवं दीर्घ कालीन कृषि ऋण को माफ करने की योजना लागू

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जयपुर। राजस्व, उपनिवेशन मंत्री एवं सवाईमाधोपुर जिला प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्जा माफ कर लाभान्वित करवाने का कार्य 7 फरवरी से चालू कर दिया गया है। इस योजना में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों से मध्य कालीन या दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले ऎसे सीमान्त एवं लघु किसानों को लाभ होगा जो र्आथिक संकट में हैं तथा अपने ऋण को नहीं चुका पा रहे हैं, उनका ऋण माफ कर लाभान्वित किया जायेगा।

चौधरी गुरूवार को दौसा जिले की ग्राम पंचायत बनियाना में आयोजित ऋण माफी शिविर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होने कहा कि राज्य सरकार की कथनी व करनी में कोई अंतर नही है। चुनाव के दौरान जनता से वायदे किये थे उन्हे राज्य सरकार समय पर पूरा करने का काम चालू कर दिया है। किसानों को ऋण माफी का ही नही बल्कि गरीबी की रेखा से नीचे जीनव यापन करने वाले परिवारों को एक रूपये किलों में राशन सामग्री के गेहूं, पेंशनधारियों की पेंशन में बढोतरी, पशु पालको व किसानों को डेयरी दूथ पर दूध देने पर 2 रुपये प्रति लीटर का बोनस, बेरोजगार युवक युवतियों को 3 व साढे तीन हजार रूप्ये मासिक भत्ता देने , चिकित्सालयों मे निःशुल्क दवाईयां निः शुल्क जांच योजना का लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होने कहा कि ऋण माफी योजना के प्रथम चरण में ऎसे किसानों को योजना के दायरे में लिया गया है जिनकी ओर 30 नवम्बर, 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का अवधिपार कृषि ऋण बकाया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छोटे और मझले किसानों को अधिक से अधिक र्आथिक संबल प्रदान कर उन्हें संकट से बाहर निकालना है। इसके लिये हमने अवधिपार श्रेणी में वर्गीकृत सीमान्त एवं लघु किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण माफी के लिये लागू की गई योजना ‘‘राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना, 2019 के साथ-साथ इस योजना का लाभ देने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान सरकार द्वारा संचालित की गई ऋण माफी के लाभ से वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान किसी पात्र किसान की राशि को नहीं हड़प सकेगा, इसके लिये बैंक द्वारा पात्र किसान का आधार आधारित सत्यापन करवाया जायेगा।

जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसके लिये किसान के पास आधार नम्बर एवं आधार से लिंक मोबाइल नम्बर होना जरूरी है। यदि किसी किसान के पास आधार नम्बर नहीं है तो उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऎसे किसान नजदीकी आधार केन्द्र पर जाकर अपने आधार के लिये पंजीयन करवा लें और आधार केन्द्र द्वारा जारी पंजीयन आईडी को बैंक शाखा पर प्रस्तुत करने पर ऎसे किसान को उनकी पात्रता के अनुसार इस योजना में शामिल कर लिया जायेगा। उन्होने कहा कि योजना के दायरे में आने वाले किसान से योजना की पात्रता पूर्ण किये जाने के संबंध में सादे कागज पर स्वप्रमाणित शपथ पत्र लिया जायेगा।