हैदराबाद की कंपनी के कारण SBI को हुआ 8.20 करोड़ रपए का नुकसान

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नई दिल्ली| हैदराबाद स्थित एक निर्माण और लीजि़ंग कंपनी के एम्प्लॉयरो के कर्ज लेने ,आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी के आरोप में सीबीआई ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रवतको के दवारा लिया गया यह कर्ज अब एनपीए( Non Performing Assets) में चेंज हो गया जिसके कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI) को 8.20 करोड़ रपए का नुकसान वहन करना पड़ा।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सीबीआई ने बीएनआर इंफ्रा और लीजि़ंग कंपनी, इसके प्रवर्तक, बी नरसिम्हा रेड्डी, एस ¨बदुसागर रेड्डी, वकील एन जगन, वी नरसिन्हा राव और डी प्रभाकर रेड्डी तथा मूल्यांकनकर्ता एन दत्तात्रेय एवं एल किशोर चंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी एवं जालसाज़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। बैंक ने आरोप लगाया है कि बी नरसिम्हा के नाम पर 2011 में 16,940 वर्ग गज़ भूमि पर रहन के आधार पर कंपनी को दो करोड़ रपए की नकद ऋण सुविधा और एक करोड़ रपए की गारंटी सीमा दी गई थी। रेड्डी कंपनी के मालिक हैं। ऋण सुविधा को बाद में बढ़ा दिया गया। इस बीच, कंपनी ने अपने में बदलाव किया और यह एक साझेदार कंपनी बन गई जिसमें बदुसागर रेड्डी को साझेदार के तौर पर शामिल किया गया। 2015 में, कंपनी द्वारा लिए गए कर्ज को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के तौर पर घोषित किया गया।