SBI के इन नियमों मे हुआ परिवर्तन, अब 3.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा

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नई दिल्ली| अगर आपका भी अकाउंट देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मे है तो यह खबर आपके लिए है। दरसअल SBI सेविंग खाते पर मिलने वाले ब्याज के नियमों मे परिवर्तन कर दिया है। बता दे कि यह नियम 1 मई से लागू हो जाएंगे। बैंक ने अपने डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बेंचमार्क दर से जोड़ दी है।

इस नए फैसले से एक लाख रुपये से ज्यादा के डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि आरबीआई के रेपो रेट में चेंज होने पर बैंक की जमा दरों पर असर दिखेगा। इसीलिए अगले महीने से एसबीआई ने सेविंग रेट में भी बदलाव किया है।

नई दर 1 मई 2019 से होगी लागू:

  • 1 लाख रुपए तक के बैलेंस पर अब 3.5 परसेंट की दर से अकाउंट होल्डर को ब्याज मिलेगा। वहीं 1 लाख से ऊपर के बैंलेस पर ब्याज की दर 3.25 फीसदी होगी। ये नई दर 1 मई 2019 से लागू होगी।
  • 1 लाख से ऊपर के सभी कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट को एसबीआई ने RBI के रेपो रेट से लिंक कर दिया है। हाल ही में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की थी इसी को देखते हुए बैंक ने ये कटौती की है।
  • लंबे समय से लोगों की शिकायत थी कि आरबीआई के ब्याज दर घटाने के बाद बैंकों की ब्याज दर पर इसका असर नहीं दिखता है। इसलिए एसबीआई ने ग्राहकों की शिकायत दूर होगी। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया है कि एक लाख रुपये से कम के लोन और डिपॉजिट MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट से जुड़े रहेंगे। छोटे ग्राहकों को बाजार की उठापटक से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।

इस तरह दरें होंगी तय
देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने बताया है कि मई से एक लाख रुपये से ज्यादा के सभी सेविंग बैंक डिपॉजिट और शॉर्ट-टर्म लोन आरबीआई के बेंचमार्क रेपो रेट से जोड़े जाएंगे। रेपो रेट अभी 6 फीसदी है। बैंकों को रेपो रेट पर ही आरबीआई लोन देता है।

जबकि सेविंग बैंक की दरें रेपो रेट से 2.75 फीसदी कम होंगी। वहीं, एक लाख रुपये से ज्यादा के छोटी अवधि के लोन पर रेपो रेट से 2.25 फीसदी अधि‍क ब्याज रखा जाएगा। यह पहला मौका है जब बैंक ने बचत, छोटे लोन और डिपॉजिट रेट को सीधे रेपो रेट के साथ लिंक किया है।

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