हरियाणा बल्लभगढ़ के सरपंच पर ग्रामीणों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

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हरियाणा बल्लभगढ़ के सरपंच पर ग्रामीणों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

पंच ने किया खुलासा, धोखे से दी 5 करोड़ की रकम : पंचदेवेंद्र ने खुलासा किया कि ग्राम पंचायत चंदावली की तरफ से सीएम मनोहर लाल को राजकीय कोष में देने के लिए जो 5 करोड़ रुपए दिए गए थे, उसे देने के लिए सामूहिक प्रस्ताव से धोखे से साइन कराए गए थे। इस धोखेबाजी का विरोध देवेंद्र ने किया। देवेंद्र ने सीपी को बताया कि ग्राम पंचायत तो सरकार से विकास कार्य कराने के लिए रुपया मांगती है जबकि यहां उल्टा किया जा रहा है कि ग्राम पंचायत के कोष से सरकार को 5 करोड़ रुपए दे दिए गए।

सरपंच पर ग्रामीणों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप, ग्रामीणों ने दर्ज केस को झूठा साबित करने के लिए सौंपे सबूत चंदावलीगांव की सरपंच अंजू यादव द्वारा सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में 12 मई को थाना सदर बल्लभगढ़ में दर्ज कराई गई एफआईआर के सिलसिले में सोमवार को कई ग्रामीण सीपी डा. हनीफ कुरैशी से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने सीपी को बताया कि सरपंच ने जो एफआईआर दर्ज कराई है, वह 6 मई 2017 को दर्ज मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए झूठा बयान देकर कराई है।

ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जांच सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अपने कब्जे में लेकर कराने की मांग की है। सीपी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। ये है मामला सीपीके सामने पेश होने वाले चंदावली ग्राम पंचायत के पंच देवेंद्र अन्य ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि 2 मई को सरपंच परिवार के सदस्यों ने ओमदत्त के साथ मारपीट की थी। इस मामले में ओमदत्त ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने 6 मई को सरपंच अंजू के सगे भाईयों यशपाल, नितिन समेत राकेश, अनूप और संदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।

इस मुकदमे में सरपंच परिवार ने समझौते का दबाव बनाया। आरोप है कि पीड़ित ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो ओमदत्त के परिवार से ग्राम पंचायत के पंच देवेंद्र और उसके पिता भाईयों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का एक झूठा केस 12 मई को सदर बल्लभगढ़ थाने में दर्ज करा दिया। देवेंद्र के साथ सीपी कार्यालय पहुंचे करीब 50 लोगों ने कहा सरपंच अपने पद का दुरुपयोग कर रही है।

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Rajeshwari Tripathi
राजेश्वरी रोजगार रथ में पत्रकार के पद पर कार्यरत है। राजेश्वरी ने जनसंचार में स्नातक की पढाई की है। वह इससे पहले हरिभूमि समाचार पत्र के साथ-साथ अन्य स्थानीय समाचार प्रकाशन में काम किया है। अन्य समाचार पत्रों में काम करने के बाद राजेश्वरी वर्ष 2016 से रोजगार रथ में कार्यरत है।