हाईकोर्ट : चौटाला की समय पूर्व रिहाई पर सरकार से मांगा जवाब

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नई दिल्ली। शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने समय पूर्व रिहाई की मांग को ठुकराए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति मनमोहन व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने चौटाला की याचिका पर सुनवाई करते हुए चौटाला व सरकार से कहा कि वे अपनी दलीलों को संक्षिप्त रूप में तीन पेज में दाखिल करें।

पीठ ने इसके साथ ही सुनवाई 8 अगस्त के लिए स्थगित कर दी है। सरकार ने 3 अप्रैल को उनकी सजा में विशेष छूट देकर समय से पहले रिहा करने की मांग को खारिज कर दिया था। सरकार ने चौटाला की समय पूर्व रिहाई की मांग को ठुकराए जाने को सही ठहराया और कोर्ट से कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सजा हुई है। ऐसे में उनकी सजा को कम नहीं किया जा सकता और समय से पहले नहीं छोड़ा जा सकता है।

चौटाला ने याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार के 18 जुलाई, 2018 की अधिसूचना के आधार पर जल्द रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अधिसूचना के अनुसार 60 साल से ज्यादा उम्र पार कर चुके पुरु ष, 70 फीसद वाले दिव्यांग व बच्चे अपनी सजा की आधी सजा काट चुके हैं तो राज्य सरकार उनकी रिहाई पर विचार कर सकती है। यह रियायत भ्रष्टाचार मामले में लागू नहीं होती है।

उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 83 साल की हो गई है और भ्रष्टाचार के मामले में वे सात साल की सजा काट चुके हैं। आईपीसी की धारा के अनुसार उनकी सजा बची हुई है और उसका भी वे आधा हिस्सा काट चुके हैं। वे अप्रैल, 2013 में 60 फीसद दिव्यांग हो चुके थे और जब उन्हें जून, 2013 में पेसमेकर लगाया गया तो वे 70 फीसद से ज्यादा दिव्यांग हो चुके हैं।

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विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।