किसानों को शुद्ध उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद की दुकानों पर छापेमारी

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किसानों को शुद्ध उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद की दुकानों पर छापेमारी

लखनऊ| किसानों को निर्धारित शुल्क पर शुद्ध उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीते प्रदेश भर में खाद की 3239 दुकानों पर छापेमारी की गयी और 1078 नमूने एकत्र किये गये। छापेमारी के दौरान नौ दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किये गये और 294 खाद विक्रेताओं को कठोर चेतावनी दी गयी। इसके साथ ही छह दुकानों को सील किया गया और तीन व्यवसाइयों की बिक्री प्रतिबन्धित करते हुए 225 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलम्बित किये गये।प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने बीती आठ व नौ जनवरी को एक साथ छापेमारी के आदेश गोपनीय रूप से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गयी है।

संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि किसानों को रसायनिक खादों की उपलब्धता को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। रबी 2018-19 के तहत जनवरी माह में यूरिया के लिए 16.30 लाख मीट्रिक टन, डीएपी के 10.07 लाख मीट्रिक टन, एनपीके के 3.28 लाख मीट्रिक टन व एमओपी के 0.95 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य में 10 जनवरी तक यूरिया 18.66 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 12.23 लाख मीट्रिक टन, एनपीके4.46 लाख मीट्रिक टन एवं एमओपी 1.18 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध करायी जा चुकी है जो जनवरी के निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा है। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता के लिए कृषि मंत्री शासन, कृषि विभाग, सहकारिता, पीसीएफ, यूपी एग्रो के साथ प्रदेश के सभी उर्वरक निर्माताओं व प्रदायकर्ता संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठक ले रहे हैं और उर्वरकों की कमी न होने के निर्देश दे रहे हैं।

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ऋषीश पांडे रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक है। वे पहले समाचार प्रभात में संवाददाता का काम भी कर चुके है। ऋषीश पांडे ने इंदौर स्टेट यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और आधुनिक यूनानी अध्ययन में मास्टर डिग्री की है। संवाददाता के क्षेत्र में उन्हें काफी अच्छा अनुभव है।