आतिशी : गंभीर के खिलाफ दो मतदाता पहचान पत्र होने को लेकर जांच की मांग

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आतिशी : गंभीर के खिलाफ दो मतदाता पहचान पत्र होने को लेकर जांच की मांग

नई दिल्ली| दिल्ली की एक अदालत ने पूर्वी दिल्ली के भाजपा प्रत्याशी गौतम गंभीर के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने के मामले में शिकायतकर्ता आतिशी से अपना बयान 31 मई तक दर्ज कराने के लिए कहा है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विप्लव डबास ने मार्लेना को 31 मई को अदालत के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए। इसी दिन मामले पर अगली सुनवाई होगी। गंभीर के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने के आधार पर उनके प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी (आप) की उम्मीदवार आतिशी ने अदालत में याचिका दाखिल की है और जांच की मांग की है।

कील मोहम्मद इरशाद द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि गंभीर ने करोल बाग और राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्रों में ‘‘जानबूझकर’’ और ‘‘गैरकानूनी’’ तरीके से अपना नाम पंजीकृत कराया। मार्लेना पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से गंभीर के खिलाफ चुनाव लड़ रही है जहां रविवार को मतदान हुआ।

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 के तहत कोई भी व्यक्ति दो विधानसभा क्षेत्रों से मतदाता नहीं हो सकता है। उसी कानून की धारा 31 कहना है कि मतदाता सूची में नाम डलवाने के लिए गलत जानकारी देनेवाले को एक वर्ष तक की कैद की सजा हो सकती है। आतिशी ने कहा है कि गौतम गंभीर ने नामांकन पत्र भरने के समय निर्वाचन अधिकारी को हलफनामा दाखिल कर बताया है कि वे राजेन्द्र नगर से मतदाता हैं और उनके पास राजेन्द्र नगर का मतदाता पहचान पत्र है।

उन्होंने अपने करोलबाग क्षेत्र के मतदाता पहचान पत्र होने की जानकारी निर्वाचन अधिकारी को नहीं दी है। इस तरह से उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से सच्चाई छुपाई है। सही जानकारी नहीं देने को लेकर भी उनको छह महीने की सजा हो सकती है। इस आधार पर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए और पुलिस से इस बाबत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा जाए।

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रश्मी शाह रोजगार रथ में सहायक संपादक है। इससे पहले इन्होंने आजतक अखबार के लिए उप संपादक का काम किया है। हरीभूमी अख़बार में लेखन का काम भी किया है। रश्मी ने मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है।