नहीं जमा किया दुकानों का किराया तो सील होंगी दुकानें

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नहीं जमा किया दुकानों का किराया तो सील होंगी दुकानें

गोरखपुर । नगर निगम के कर्मचारियों को धौंस दिखा कर दुकानों का किराया न देने वालों की मनमानी अब भारी पड़ सकती है। नगर निगम ने ऐसे किरायेदारों को आखिरी मौका दिया है। अगर इस बार भी मनमानी करेंगे तो दुकान से हाथ धोना पड़ेगा। नगर निगम की यह सख्ती आय बढ़ाने के लिए की जा रही है। नगर निगम वषों से किराया जमा न करने वाले 198 दुकानों को सीलबंद करने जैसा सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

जिन दुकानों पर पचास हजार से अधिक का बकाया है उन्हें पहली सूची में शामिल किया गया है। आखिरी नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर अगर बकाया किराया जमा नहीं किया गया तो नगर निगम दुकानों को सील कर अपना ताला लगा देगा। बकाया जमा करने के लिए नगर निगम ने दुकान मालिकों को कई बार नोटिस भेज चुका है, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है।

निगम की दूसरी सूची में में 25 से लेकर 50 हजार रुपये तक के बकाएदारों पर वैिक कसा जाएगा। नगर निगम की शहर के अलग-अलग हिस्सों में तकरीबन 1892 दुकानें है। सभी दुकानों को निगम ने किराए पर दे रखा है। दुकानों से 600 से लेकर 1500 रपए प्रतिमाह किराया वसूला जाता है। प्रचलित बाजार मूल्य से काफी कम किराया होने के बावजूद अधिकांश दुकानदार समय से किराया नहीं जमा कर रहे हैं। निगम के कर्मचारी जब किराया वसूलने जाते हैं तो दुकानदार उन्हें धौंस दिखाने लगते हैं।

जिलाधिकारी व प्रभारी नगर आयुक्त ने बड़े बकाएदारों की दुकानें सील करने का निर्देश दिया है। इसके बाद हरकत में आए रेंट विभाग के कर्मचारियों ने पचास हजार से ज्यादा के 198 बकाएदारों की सूची तैयार की है। दुकानदारों को बकाया जमा करने के लिए अंतिम नोटिस भेजी जा रही है। नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर बकाया जमा नहीं किया तो दुकान सील कर नगर निगम अपने कब्जे में ले लेगा।

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Rishish Pandey
ऋषीश पांडे रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक है। वे पहले समाचार प्रभात में संवाददाता का काम भी कर चुके है। ऋषीश पांडे ने इंदौर स्टेट यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और आधुनिक यूनानी अध्ययन में मास्टर डिग्री की है। संवाददाता के क्षेत्र में उन्हें काफी अच्छा अनुभव है।