नासा के वैज्ञानिको का दावा स्पेस रॉकेट इलेक्ट्रोलिसिस बेस विधि से चलेगा

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नासा वैज्ञानिको और पूर्व टेक्नोलॉजिस्ट मेसन पैक कार्नेल यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ मिलकर एक बेहद अनोखी खोज कर रहे है। स्पेश में जाने वाले रॉकेटो में जैविक ईंधन की बजाये पानी का इस्तेमाल करेंगे। इस खोज में वह पानी को विखंडित करके इसे इलेक्ट्रोलिसिस में परिवर्तित कर लेगे फिर इसका प्रयोग स्पेस रॉकेट में किया जायेगा।

मेसन पैक उस टीम के निर्देशक है जो दिन रात एक करके प्रोपोलेंट के रूप में रॉकेट में पानी का प्रयोग करने वाला सिस्टम तैयार कर रहे है। इस सिस्टम में पानी का सीधा प्रयोग न करके पानी के अवयवों ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का उपयोग किया जाएगा। रॉकेट पर एक सोलर पैनल लगाया जायेगा ,जिसके प्रयोग से उत्पन्न बिजली के माध्यम से पानी को तोडा जायेगा।

इस प्रयोग से जो ऊर्जा उत्पन्न होगी उसी का प्रयोग करके रॉकेट को उड़ाया जायेगा। रॉकेट पर लगे उच्चतम दक्षता वाले सोलर पैनल अंतरिक्ष में शून्य गुरत्वाकर्षण और अलग वातावरण में भी काम करेगा। उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को बैटरियों में स्टोर किया जायेगा।

मेसन ने बताया इससे पहले भी इलेक्ट्रोलिसिस का प्रयोग अंतरिक्ष में किया गया है जमी हुई बर्फ को विखंडित करके उससे ऑक्सीजन निकल कर उसका प्रयोग से ऑक्सीजन की पूर्ति की की जाती है और ऑक्सीजन टेकों को अधिक मात्रा में नहीं ले जाना पड़ता है। इस तरह के इलेक्ट्रोलिसिस रॉकेट के द्वारा हमे अंतरिक्ष में जाना आसान हो जायेगा।

नासा के वैज्ञानिकों का पूरा प्रयास इस समय ऐसे अंतरिक्ष यान बनाने पर है ,जो कम लगत एवं कम समय में अंतरिक्ष में लंबी दूरी का सफर तय कर सके , अपने दावों का नासा स्पेस सटल बना कर एवं कई मानव रहित यानों को अंतरिक्ष के कई छोरो को पार कर चूके है।

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Mukesh Srivastava
मुकेश श्रीवास्तव रोजगार रथ में संपादक के पद पर कार्यरत है। रोजगार रथ में मुकेश खेल जगत से जुडी खबरे लिखते है। वह कई न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम कर चुके है। मुकेश ने अपनी पढाई NIT कॉलेज से पूरी की है। NIT से पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम करना शुरू किया।