नाबालिग कंपाउंडर ने की बुजुर्ग डॉक्टर इकबाल मुकीम कासिम की हत्या

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नाबालिग कंपाउंडर ने की बुजुर्ग डॉक्टर इकबाल मुकीम कासिम की हत्या

नई दिल्ली। जहांगीरपुरी थाना क्षेत्र में बुजुर्ग डॉक्टर इकबाल मुकीम कासिम की हत्या में षड्यंत्रकारी कोई ओर नहीं, बल्कि उनका ही कंपाउंडर निकला, जो एक वर्ष से उनके क्लीनिक में काम कर था। वह नाबालिग है और उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पहले पकड़ा गया था।

आरोपियों में एक के माता-पिता, दोस्त और चोरी का सामान खरीदने वाले भी शामिल हैं। पुलिस उपायुक्त असलम खान के मुताबिक डॉक्टर के क्लीनिक में नाबालिग काम कर रहा था, जिसने अपने दोस्त मोहम्मद अमर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसके बाद अन्य आरोपियों को भी उसने शामिल कर लिया। 12 नवम्बर को घटना वाली सुबह विशाल रावत उर्फ बंटी, रिजवान उर्फ नेस्टी व रिजवान उर्फ रिज्जू ने इस वारदात को अंजाम दिया था।

रिजवान ने डॉक्टर का गला दबाया। इसके बाद तीनों गहने व नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान सबसे पहले विशाल रावत को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद अन्य आठ आरोपियों को दबोचा गया। डॉक्टर की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी घूमने शिमला व कश्मीर जाने की योजना बना चुके थे, लेकिन भागने से पहले ही पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। लूट की रकम घर में छिपाकर रखने के आरोप में आरोपी के माता-पिता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से 5.50 लाख रपए व लूटी गए गहने में 70 फीसद माल बरामद कर लिया है। आरोपियों में संध्या रावत, राजू रावत, रियासत व अफरोज भी शामिल हैं, जो जहांगीरपुरी और भलस्वा डेयरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। विदित हो कि वारदात से दो दिन पूर्व ही डॉक्टर की बेटी की सगाई हुई थी और दिसम्बर में शादी होने के कारण घर में नकदी व गहने रखे हुए थे।

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रश्मी शाह रोजगार रथ में सहायक संपादक है। इससे पहले इन्होंने आजतक अखबार के लिए उप संपादक का काम किया है। हरीभूमी अख़बार में लेखन का काम भी किया है। रश्मी ने मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है।