आष्युमान भारत में अपात्रों को मिला लाभ तो होगी कार्रवाई

0
37
आष्युमान भारत में अपात्रों को मिला लाभ तो होगी कार्रवाई
आष्युमान भारत में अपात्रों को मिला लाभ तो होगी कार्रवाई

वाराणसी (जेएनएन) | स्वास्थ्य विभाग के (हेल्थ एजेंसी) साचीज संयुक्त निदेशक डा. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत-जन अयोग्य योजना’ स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिमहत्वपूर्ण है| इस योजना से पूरे देश में आर्थिक रूप से कमजोर 10 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक सभी बीमारियों का मुफ्त उपचार शुरू किया गया है, हर परिवार से पांच सदस्य हैं| इन परिवारों का चयन ‘सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना’ के आधार पर किया गया है| उत्तर प्रदेश में 1.18 करोड़ परिवार को चयनित किया गया है| वह बुधवार को मलदहिया स्थित एक होटल में आयुष्मान भारत को लेकर आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे |

उन्होंने कहा कि सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल संचालकों को हिदायत देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ पात्रों को मिलना चाहिए, यदि किसी की लापरवाही के चलते योजना में कोई गलती हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय हैं| योजना को संचालित करने के लिए कार्यशाला में पूर्वांचल क्लस्टर-4 के 19 जिलों के इम्पैनल निजी हॉस्पिटल के चिकित्सक, जनरोग्य मित्र, इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी और डिस्ट्रिक्ट सपोर्ट एजेंसी के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया |

योजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमरेन्द्र सिंह व शत्रुघ्न ठाकुर, आईटी मैनेजर प्रदीप पांडे ने कार्यशाला में योजना के लाभार्थियों के गोल्ड कार्ड बनाने, योजना के तहत मरीज को भर्ती कर मुफ्त इलाज की प्रक्रिया, इम्पैनल हॉस्पिटल में आईटी उपकरण के ऑनलाइन इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी| कार्यशाला में सीएमओ डा. वीबी सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. संजय राय, आईटी मैनेजर प्रदीप पांडे, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर डा. जया राय, इन्फॉर्मेशन मैनेजर अनुपम सिंह, ग्रीवांस मैनेजर सागर कुमार, क्लस्टर मैनेजर सौरभ शर्मा आदि मौजूद रहे |

इन जिलों के लोग रहे शामिल

वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, फैज़ाबाद, अंबेडकर नगर, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया के प्रतिनिधि |

शेयर करें
Avatar
राजेश्वरी रोजगार रथ में पत्रकार के पद पर कार्यरत है। राजेश्वरी ने जनसंचार में स्नातक की पढाई की है। वह इससे पहले हरिभूमि समाचार पत्र के साथ-साथ अन्य स्थानीय समाचार प्रकाशन में काम किया है। अन्य समाचार पत्रों में काम करने के बाद राजेश्वरी वर्ष 2016 से रोजगार रथ में कार्यरत है।