कमल हासन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट मे सुनवाई आज, बढ़ सकती हैं मुश्किले

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कमल हासन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट मे सुनवाई आज, बढ़ सकती हैं मुश्किले

नई दिल्ली। अभिनेता से नेता बने कमल हासन के नाथूराम गोडसे पर विवादित बयान दिए जाने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। इस बयान को चुनावी फायदे के लिए धर्म का इस्तेमाल करने की संज्ञा दी गई है और कहा गया है कि यह जनप्रतिनिधित्व कानून के खिलाफ है। हिंदू आतंकी” वाले बयान पर कमल हासन के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई होने जा रही है| इस बयान के लिए चुनाव आयोग से कमल हासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। यह मांग भाजपा नेता व अधिवक्ता अश्वनी कुमार उपाध्याय ने की है और इस बाबत याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से इसपर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।

मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन व न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने कहा कि वे इसपर 15 मई को सुनवाई करेंगे। उन्होंने इसे बुधवार के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। मालूम हो कि मक्कल नीधि मय्यम पार्टी के अध्यक्ष हासन ने 9 मई को अरावाकुरिची विधानसभा के उपचुनाव में पार्टी के प्रचार के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को कथित रूप से आजाद भारत का पहला ‘‘हिन्दू उग्रवादी’ बताया था। उस विधानसभा में 19 मई को मतदान होना है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि हासन ने मुस्लिमों की भीड़ वाले जगह पर जानबूझकर यह बयान दिया है जिससे उसे चुनावी फायदा हो।

आदर्श आचार संहिता के अनुसार कोई पार्टी या उम्मीदवार ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता जिससे विभिन्न जाति व समुदाय के बीच मतभेद पैदा हो। उनका बयान यह जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के खिलाफ है और यह साफ तौर पर भ्रष्ट आचरण है। इस तरह से कमल हासन ने चुनावी फायदे के लिए धर्म का इस्तेमाल किया है और दो समुदायों के बीच अंतर पैदा किया है। उन्होंने इस तरह से आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि चुनावी फायदे के लिए धर्म का कथित इस्तेमाल किए जाने के बावजूद चुनाव आयोग ने हासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इसे देखते हुए कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वह उनके खिलाफ कार्रवाई करे एवं उनके उम्मीदवार को चुनाव लड़ने पर रोक लगा दे। साथ ही उनके पार्टी का पंजीयन रद्द करने का निर्देश दिया जाए।

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विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।