ग्वालियर वन विभाग की टीम ने जुड़ी-बूटियो की तस्करी का किया भंंडाफोड़

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ग्वालियर | कालाअंब अौद्योगिक क्षेत्र की वन संपदा से दवाइयां बनाने वाली नामी कंपनियों में मध्य प्रदेश के जंगलों से अश्वगंधा, गलोई, सलई गूगल जड़ी-बूटियों की तस्करी की जा रही थी। इस मामले का मध्य प्रदेश के ग्वालियर वन विभाग की टीम ने कालाअंब के मोगीनंद पहुंच कर इन नामी कंपनियों की तस्करी का भंंडाफोड़ किया है।

कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र के मोगीनंद क्षेत्र की दो नामी कंपनियों में चार दिन तक सर्च ऑप्रेशन चलता रहा। इस सर्च ऑपरेशन में नाहन वन विभाग की टीम ने ग्वालियर वन विभाग की टीम को पूरा सहयोग किया। 29 मई को दोपहर बाद फैक्टरी में संयुक्त टीम ने दबिश दी थी। इसके बाद बेशकीमती जड़ी-बूटियों की खेप बरामद हुई। सूत्रों की माने तो बरामद की गई जड़ी-बूटियों की मात्रा 20 क्विंटल से अधिक है।

विभाग ने फैक्टरी के कामर्शियल मैनेजर को गिरफ्तार करने के बाद जमानत दे दी है। इन्हें 15 जून को ग्वालियर में पेश होना होगा। डीएफओ नाहन ने उद्योग के सर्च वारंट जारी किए गए थे। मध्य प्रदेश से कालाअंब के मोगीनंद पहुंची वन विभाग की टीम ने बरामद की गई वन संपदा के सैंपल भी लिए हैं। उधर एसीएफ डा. वेद प्रकाश ने कहा कि बरामद की गई वन संपदा की कीमत लाखों रुपए में हो सकती है।

डीएफओ नाहन निशांत मंढोत्रा ने बताया कि कालाअंब के हर्बल उद्योगों में कहां-कहां से जड़ी-बूटियों की सप्लाई की जा रही है। इसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है कि कितनी इकाइयां वन संपदा से जुड़ी दवाइयों अन्य उत्पादों का प्रयोग कर रही हैं। नाहन वन विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश से पहुंचे वन विभाग कर्मियों को इस सर्च अभियान में पूरा सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि कालाअंब की कई ऐसी फैक्टरियां है जहां पर हर्बल दवाइयां बनाई जाती है। उनका भी रिकार्ड खंगाला जाएगा।

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Mukesh Srivastava
मुकेश श्रीवास्तव रोजगार रथ में संपादक के पद पर कार्यरत है। रोजगार रथ में मुकेश खेल जगत से जुडी खबरे लिखते है। वह कई न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम कर चुके है। मुकेश ने अपनी पढाई NIT कॉलेज से पूरी की है। NIT से पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम करना शुरू किया।