किसानों को राहत प्रदान करने के लिए दी जाएगी अनुदान राशि

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किसानों को राहत प्रदान करने के लिए दी जाएगी अनुदान राशि
किसानों को राहत प्रदान करने के लिए दी जाएगी अनुदान राशि

गया | जिले के सभी प्रखंडों को सुखाड़ग्रस्त घोषित किए जाने के बाद किसानों में खुशी देखने को मिल रही है| बारिश की कमी के कारण धान की फसल का काफी नुकसान हो गया है |

जिले में कुल 3,75,927 किसानों को राशि मुहैया कराई जाएगी, क्योंकि इतने ही किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा रखा है| जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि पंजीकृत किसानों को ही फसल सहयोग योजना के तहत लाभ मिलेगा| संचित क्षेत्र में प्रति हेक्टेयर 13,050 एवं असिंचित क्षेत्र के किसानों को 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान की राशि दी जाएगी| किसानों की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी| भादो महीने में बारिश नहीं होने के कारण किसानों के धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है| इसी को लेकर जिले को सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है |

दस दिन पहले हुआ सर्वे

जिले को सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के पटना से आई टीम ने सर्वे किया था| जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि टीम ने विभिन्न प्रखंडों में सर्वे करने के बाद रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर जिले को सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया |

क्या कहते हैं किसान

जिले के सुखाड़ग्रस्त घोषित होने से किसानों में खुशी देखी जा रही है| उतरी प्रखंड क्षेत्र के किसान सुनील कुमार मेहता, पवन शर्मा, बेलागंज प्रखंड क्षेत्र के किसान राम विनय सिंह, विजय सिंह, मानपुर प्रखंड के रामातार प्रसाद, इमामगंज प्रखंड के रवींद्र प्रसाद, महेंद्र प्रसाद आदि का कहना है कि सरकार की घोषणा से राहत मिली है| इस राहत से रबी की बोआई ठीक तरह से होगी| साथ ही एक वर्ष तक किसी तरह का ऋण नहीं चुकाना पड़ेगा |

खेतों में पड़ी दरार और सूख रही फसल से मायूस किसान

संवाद सूत्र, टनकुप्पा- सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र घोषित होने से किसानों को अल्प राहत मिली है, क्योंकि किसान इसे विशेष फायदा नहीं मान रहे| जितनी लागत धान की फसल में आई है, वह वापस नहीं मिल सकती है| किसान नंदलाल मांझी, मुरारी सिंह, पवन पासवान आदि ने बताया कि जमीन का टैक्स और बिजली बिल भुगतान पर रोक से किसानों को क्या राहत मिलेगी| किसानों को फायदे से फसल बीमा का लाभ और कृषि ऋण माफ करना चाहिए था| प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि किसानों को लगान और बिजली बिल का भुगतान नहीं करना है |

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नियामत खान रोजगार रथ में संवाददाता के पद पर कार्यरत है। नियामत खान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के क्षेत्र में स्नातक की हासिल की है। नियामत खान को पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी अच्छा अनुभव है। नियामत खान की लेखन, पत्रकारिता, संगीत सुनना में रुची है।