दिल्ली सरकार के 34 अस्पतालों में पाई गई गड़बड़ी ,ग्लूकोज की बोतल में मिला फंगस

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दिल्ली सरकार के 34 अस्पतालों में पाई गई गड़बड़ी ,ग्लूकोज की बोतल में मिला फंगस

नई दिल्ली। मरीजों के लिए जीवन रक्षक मानी जाने वाली ग्लूकोज की गुणवत्ताहीन बोतलों की आपूत्तर्ि करने का मामला सामने आया है। दिल्ली सरकार के 34 अस्पतालों में यह गड़बड़ पाई गई है। इन अस्पतालों में संक्रमण की रोकथाम प्रबंधन कमेटी की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है जिसमें यह आशंका जताई गई है कि एजेंसी जो भी थोक में ग्लूकोज की बोतले आपूत्तर्ि कर रही है उसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, कई बोतलों के डिब्बे मियादी तिथि को पूरा कर चुके हैं तो कुछ करीब हैं। इन बोतलों के उपरी हिस्से पर लिखी चेतावनी संबंधी हिदायतों तक को ठीक से पढ़ा नहीं जा सकता है। ऐसी चूक से मरीजों की सेहत बिगड़ने की आशंका भी प्रबल है। कई अस्पतालों में तो अब मरीज बाजार से फिलहाल ग्लूकोज की बोतलें खरीदने के लिए विवश हैं।

इस खुलासे के बाद स्वास्य विभाग अलर्ट हो गया है।दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई ग्लूकोज की बोतलों के पूरे स्टॉक की दिल्ली सरकार अब जांच कराएगी ताकि उसकी कमियों को जल्द पकड़ा जा सके और संक्रमण को रोका जा सके। स्वास्य सचिव संजीव खिरवार ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि स्वास्य समिति ने सुझाव दिया है। हाल ही में अरुणा आसफ अली अस्पताल में ग्लूकोज की बोतल में फंगस पाया गया था और मरीज के रिश्तेदारों ने भी इसकी शिकायत की थी। सरकारी अस्पतालों में बीते कुछ दिनों में ग्लूकोज का जितना भी स्टॉक भेजा गया और जो अस्पताल में बचा हुआ है, उसकी जांच की जाएगी कि कहीं उसमें फंगस, एक्सपायरी या इसके अलावा कोई अन्य कमी तो नहीं है। डायरेक्टरेट जनरल हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) को यह जिम्मेवारी दी गई है। डीजीएचएस डा. नूतन मुंडेजा ने बताया कि जिस बोतल में फंगस मिली थी, उसे लेबोरेटरी में जांच के लिए भेज दिया गया है।

यह बोतलें सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) की ओर से आपूत्तर्ि करती है। कई बार अस्पताल जरूरत पड़ने पर ग्लूकोज की बोतलें निजी स्तर पर भी खरीदता है। जिस बोतल में से फंगस या फिर अन्य प्रकार की कमियां पाई जाएगी, उसके जिम्मेदार अधिकारी के साथ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्लूकोज की बोतल की जांच की जा रही है। अगर पूरे स्टॉक को बदलना पड़ा तो वह भी बदल दिया जाएगा। डा. मुंडेजा ने बताया कि पहले कभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। यह पहली बार है जब ग्लूकोज की बोतल में फंगस लगने की बात सामने आई है इसलिए इसे लेकर पूरी जांच की जा रही है। यदि गलती से किसी मरीज को फंगस लगा ग्लूकोज चढ़ा दिया जाता तो उसमें इंफेक्शन फैल सकता है।