सरकार की वादा खिलाफी पर इंजीनियर और सरकार आमने-सामने

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सरकार की वादा खिलाफी पर इंजीनियर और सरकार आमने-सामने

चंडीगढ़ l इरिगेशन विभाग के इंजीनियर और पंजाब सरकार आमने-सामने हो गए हैं। इरिगेशन के कामों में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर विजिलेंस की कार्रवाई से खफा इंजीनियर्स ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए रोष मार्च किया। इंजीनियर्स ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि इरिगेशन के कामों में भ्रष्टाचार की जांच विजिलेंस से कराने के बजाय इसके लिए इंजीनियर्स की टेक्निकल कमेटी बनाई जाएगी

लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। कोई टेक्निकल कमेटी नहीं बनाई गई। विजिलेंस ने कई इंजीनियर्स और विभाग के अफसरों पर बिना कोई पुख्ता जांच किए केस दर्ज कर लिए। इस पर इंजीनियर्स ने इसका विरोध शुरू किया है। शुक्रवार को इंजीनियर्स सेक्टर-18 से रोष यात्रा शुरू करते हुए सेक्टर-17 स्थित विजिलेंस आॅफिस पहुंचे और विजिलेंस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इंजीनियर्स को झूठे मामलों में फंसाना चाहती है विजिलेंस 
इरिगेशन इंजीनियर्स यूनियन के प्रधान बीपीएस बराड़ ने कहा, विजिलेंस अफसर जानबूझ कर विभाग के इंजीनियर्स और अफसरों को फंसाने पर तुले हैं। उन्होंने जांच से पहले ही मान लिया है कि इरिगेशन के इंजीनियर्स भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं। ऐसे में उनकी जांच पर किसी तरीके से भरोसा नहीं किया जा सकता। विजिलेंस के अफसर इंजीनियर्स को झूठे मामलों में फंसाना चाहते हैं। जांच के नाम पर इंजीनियर्स और विभाग के अफसरों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

पहले सरकार ने वादा किया था कि जांच विजिलेंस से कराने के बजाय टेक्निकल टीम से कराई जाएगी, लेकिन अब सरकार भी अपने वादे से मुकर गई है। विजिलेंस अफसर इरिगेशन के कामों की बारिकियों से वाकिफ नहीं होते, जिसके बारे में इंजीनियरिंग से जुड़े कर्मचारी ही सही तरीके से समझ सकते हैं। विजिलेंस के अफसरों को इंजीनियरिंग के कामों की कोई जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे बिना पुख्ता जांच के इंजीनियर्स पर झूठे केस दर्ज कर रहे हैं।

सरकार से भरोसा उठ गया | बराड़ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें मानते हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए इंजीनियर्स की टेक्निकल कमेटी जल्द बनाई गई और विजिलेंस से यह जांच वापस ली गई तो राज्य में इरिगेशन के सभी इंजीनियर्स से लेकर क्लर्क तक के कर्मचारी काम बंद कर देंगे।

हालांकि इससे पहले भी इंजीनियर्स ने काम रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन तब पूरी तरह काम नहीं रोका गया था, क्योंकि इंजीनियर्स को सरकार पर भरोसा था कि वह उनकी मांगें मानेगी। लेकिन अब इंजीनियर्स का सरकार से भरोसा उठ चुका है। अब वे अपनी मांगों को लेकर सरकार से सीधी टक्कर लेने की मूड में हैं।

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Vikas das
विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।