कुंभ मेला 2019 : कुंभ में राम मंदिर के निर्माण के लिए जलाए जाएंगे ग्यारह लाख दीपक

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कुंभ मेला 2019 : कुंभ में राम मंदिर के निर्माण के लिए जलाए जाएंगे ग्यारह लाख दीपक

नई दिल्ली| कुंभ मेला दुनिया भर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा होता है| कुंभ का पर्व हर 12 साल के अंतराल पर किसी एक पवित्र नदी के तट पर मनाया जाता है| हरिद्वार में गंगा, उज्जैन में शिप्रा, नासिक में गोदावरी और इलाहाबाद में त्रिवेणी गंगा, यमुना और सरस्वती संगम पर कुंभ मनाया जाता है| इस बार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ शुरू हो चुका है| साधु-संत, नेता और आम लोग दुनिया भर के कोने-कोने से संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं| इस बार कुंभ में राम मंदिर निर्माण के लिए ग्यारह लाख दीप जलाए जाएंगे| मंदिर निर्माण के लिए दीपदान का यह कार्यक्रम पंद्रह जनवरी से शुरू हो गया है और यह कार्यक्रम उन्नीस फरवरी तक चलेगा|  इस अभियान के तहत परमहंस आश्रम के महंत शिवयोगी मौनी महाराज राम मंदिर निर्माण के लिए  शिविर में रोज़ाना तैंतीस हजार दीप रोजाना जला रहे है | इन लोगों का विश्वास है कि चार मार्च को कुंभ मेले की समाप्ति के बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा|

आइये जानते है क्यों  ले रहे है मौनी महाराज ग्यारह लाख दीपदान का संकल्प :

बता दे कि मौनी महाराज पिछले दो दशकों से हर साल माघ महीने में प्रयागराज आकर यहां संगम के तट पर दीप जलाते हैं| शरीर पर ग्यारह हज़ार से ज़्यादा रुद्राक्ष पहनने की वजह से लोग मौनी महाराज को रुद्राक्ष वाले बाबा के नाम से भी जानते हैं| दीपदान का संकल्प लेने वाले मौनी महाराज उर्फ़ रुद्राक्ष बाबा का मानना है कि मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ करा पाना अब अदालत व सरकार के बस में नहीं है ऐसे में वह दीपदान कर खुद भगवान राम को खुश करने की कोशिश करते हैं| दीपदान के लिए मौनी महाराज के शिविर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं|

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर अगली सुनवाई होगी  29 जनवरी को:

सुप्रीम कोर्ट में  रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी| सुप्रीम कोर्ट की पीठ अयोध्या विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 13 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है| हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ के इस विवादित स्थल को इस विवाद के तीनों पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और  राम लला के बीच बांटने का आदेश दिया था|

 

 

 

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