डीएमसी ने 51 क्लीनिक कराए बंद , फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्ती

0
12
डीएमसी ने 51 क्लीनिक कराए बंद , फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्ती

नई दिल्ली। दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने राजधानी को फर्जी डॉक्टरों से मुक्त कराने का अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत वर्ष 2018 में 310 शिकायतें मिली, जिनमें से 105 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि 69 ऐसे वैद्यों की पहचान की गई जो रोगियों को नुकसान दायक एलोपैथ दवाएं खाने की सलाह दे रहे थे। वह मरीजों को न केवल एलोपैथ दवाएं खाने का सुझाव दे रहे थे, बल्कि रोगियों को क ई प्रतिबंधित सिरप व अन्य प्रकार की दवाए लिखते पाए गए। तत्काल प्रभाव से इस प्रकार 51 क्लीनिक बंद कर डॉक्टरी के फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर स्थानीय पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

इसमें न्यायालय का भी सहयोग लिया जा रहा है। डीएमसी दिल्ली सरकार की स्वावत्त संस्था है, जो दिल्ली क्षेत्र में एलोपैथ प्रेक्टिस करने वाले डाक्टरों की डिग्री पंजीकृत करती है, यह पंजीकरण तभी कराया जा सकता है जब भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) ने किसी भी चिकित्सक की पंजीकरण संख्या जारी कर दी हो। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में कुल 380 डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतें मिली। इसके तहत 97 लोगों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, जबकि 69 लोगों को क्लीनिक बंद करने के निर्देश जारी किए गए।

इसी तरह 65 ऐसे फर्जी डॉक्टरों की पहचान की गई, जिनके पास डिग्री भारतीय चिकित्सा पद्धतियों (आईएसएम) यानी आयुव्रेद, होम्योपैथ, प्राकृतिक, सिद्धा आदि की थी, लेकिन वह बिना रोक टोक मरीजों को मार्डन दवाएं खाने सलाह देते पाए गएं।इस प्रकार 65 लोगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वर्ष 2019 में अब तक 9 डाक्टरों के दस्तावेजों में गड़बड़ीकी शिकायतें मिली हैं। विशेषज्ञों की कमेटी इसकी जांच कर रही है। फिलहाल दो मामले दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे हैं। इसके तहत इलाज में कथित तौर पर लापरवाही के आरोप हैं

शेयर करें
Avatar
विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।