होटलों की सुरक्षा मानक पर जवाब देने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा मांगा गया समय

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होटलों की सुरक्षा मानक पर जवाब देने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा मांगा गया समय

नई दिल्ली। राजधानी के होटलों की सुरक्षा मानक पर जवाब देने के लिए दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट से समय मांग लिया। मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन व न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने सरकार को समय प्रदान कर दिया और सुनवाई 18 जुलाई के लिए स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि करोल बाग के अर्पित होटल में हुए हादसे को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार व सभी निगमों को नोटिस जारी जवाब मांगा था।

इस अग्निकांड में 17 लोगों की जान चली गई थीकोर्ट ने 19 फरवरी को सभी से पूछा था कि इस तरह के हादसे क्यों हो रहे हैं और उसे रोकने को लेकर उसके पास क्या योजना है। देश की राजधानी में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये कैसे होटल चल रहे हैं और इस तरह के कितने होटले हैं। पीठ ने पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी जवाब देने को कहा था। कोर्ट ने यह निर्देश बारात घर व सामुदायिक भवन के लिये नीति तय करने एवं उनके द्वारा नियमों का उल्लंघन करने के मामले में दिया था। उसने इस मामले की सुनवाई करते हुये होटलों को भी शामिल कर लिया था|

और सरकार से जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अर्पित भार्गव ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया है कि दिल्ली में बिना फायर लाइसेंस के कई होटल धड़ल्ले से चल रहे हैं। इस वजह से वहां ठहरनेवाले लोगों की जिंदगी दांव पर लगी होती है। इसे देखते हुये कोर्ट सरकार को निर्देश दे कि वह इन सभी के लिये नीति निर्धारित करे और उसके पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करे। साथ ही पीड़ितों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया जाए।