ड्राइविंग लाइसेंस देने वाले इंस्पेक्टर की शैक्षिक योग्यता मे किया गया बदलाब

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ड्राइविंग लाइसेंस देने वाले इंस्पेक्टर की शैक्षिक योग्यता मे किया गया बदलाब

नई दिल्ली। आरटीओ ऑफिस में व्हीकल इंस्पेक्टर बनने के लिए अब प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र नहीं चलेगा। ड्राइविंग लाइसेंस देने वाले मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर को मौजूदा समय के हिसाब से खुद को भी योग्य बनाना होगा। लिहाजा उन्हें मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बनने के लिए उनके पास ऑटोमोबाइल या मैकेनिकल पाठ्यक्रम में डिप्लोमा होनी चाहिए। इन्हें मूल शैक्षिक योग्यता में शामिल करते हुए वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस देने वाले इंस्पेक्टरों की शैक्षिक योग्यता में बदलाव किया गया है।

नये बदलाव के कारण कार, स्कूटर और बाइक में तकनीकी रूप ने ढेर से सारे बदलाव आये हैं। गियर वाले से लेकर बिना गियर वाले वाहन में बहुत से बदलाव हुए हैं। इन बदलावों और बदलाव से हुए उपयोग करने जानकारी रखने के लिए तकनीकी रूप से अपडेट रखने वाले अधिकारियों की कमी देखी जा रही थी। इस वहज से ड्राइविंग लाइसेंस देने के दौरान बदलाव संबंधी बारीकियों पर ध्यान नहीं रखा जा पा रहा था। ऐसा माना जा रहा था कि जब अधिकारी तकनीकी योग्यता से शिक्षित नहीं होंगे तो वे अपने जिम्मेदारियों को कैसे निभाएंगे।

लिहाजा मंत्रालय ने मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर बनाने की शैक्षिक योग्यता में बदलाव किया गया है। अभी तक आरटीओ कार्यालय में मोटर व्हीकल लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की नियुक्ति के लिए कोई शैक्षिक योग्यता का मानक नहीं तय था। अभी किसी प्रतिष्ठित संस्थान से एक वर्ष का प्रशिक्षण या कार्य अनुभव के प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति कर दी जाती थी। लेकिन इसमें कई बार यह प्रमाणपत्र फर्जी भी पाया जाता था। इस वजह से कई राज्यों में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की नियुक्ति में परेशानी भी आ रही थी।