‘मदर ऑफ ऑल बम’ की चपेट में आने से आईएस के 36 आतंकवादी मारे गए

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‘मदर ऑफ ऑल बम’ की चपेट में आने से आईएस के 36 आतंकवादी मारे गए

अफगानिस्तान में अमेरिका के सबसे बड़े गैर परमाणु बम ‘जीबीयू-43′ से किए गए हमले में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के 36 आतंकवादी मारे गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलात वजीरी ने बताया कि ‘मदर ऑफ ऑल बम’ की चपेट में आने से आईएस के 36 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस हमले में किसी भी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल काबुल भेजे जाने के बाद यह विशाल बम से हमला किया गया है।
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के प्रवता एडम स्टंप ने बताया कि पहली बार इस 9,797 किलोग्राम बम का प्रयोग किया गया है और इसे लड़ाकू विमान एमसी-130 से गिराया गया। यह बम नानगरहार प्रांत के अचिन जिले में गिराया गया। अफगानिस्तान के जिस इलाके में यह बम गिराया, वह पाकिस्तान सीमा के नजदीक है।

जिस इलाके में बम गिराया गया है वहां से पांच किलोमीटर दूर एक गांव के एक चश्मदीद ने कहा कि बम गिरने के कारण जमीन हिल गई लेकिन मकान तथा तथा दुकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। एक अन्य निवासी पलसतार खान ने कहा कि जो बम गिराया गया वह बहुत बड़ा है, जब यह गिराया तो जमीन में बहुत कंपन हुई है लेकिन नागरिकों को कोई क्षति नहीं पहुंची है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया कि अफगानिस्तान तथा अंतरराष्ट्रीय सैन्य बलों की ओर से संयुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान तथा विदेशी सेना के करीबी समन्वय से इस अभियान को अंजाम दिया गया तथा किसी भी नागरिक के मारे जाने से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है। पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने अफगानिस्तान की जमीन पर हथियार के इस्तेमाल की निंदा की है। उन्होंने सोशल साइट द्वीटर पर कहा कि यह आतंक के खिलाफ युद्ध नहीं है,

लेकिन हमारे देश को नए और खतरनाक हथियारों का परीक्षण मैदान के रूप इस्तेमाल करना अमानवीय और सबसे क्रूर है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासन काल से ही इस बम को संभावित हमले के लिए तैयार रखा गया था। अमेरिका ने अफगानिस्तान में आईएस और तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ हवाई हमलों में तेजी से बढ़ोतरी की है।

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नियामत खान रोजगार रथ में संवाददाता के पद पर कार्यरत है। नियामत खान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के क्षेत्र में स्नातक की हासिल की है। नियामत खान को पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी अच्छा अनुभव है। नियामत खान की लेखन, पत्रकारिता, संगीत सुनना में रुची है।