कारोबारी रंजिश के कारण 25 वर्षीय युवक की हत्या

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अमृतसर | कारोबारी रंजिश के तहत 25 वर्षीय युवक मनपिंदर सिंह की हत्या करने के आरोप में जज सरबजीत सिंह धालीवाल की अदालत ने राजासांसी के गांव भिट्टेवड के छह लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों के नाम मेजर सिंह, सुरजीत सिंह, जगीर सिंह, हरविंदर सिंह, जगदीश सिंह और करनैल सिंह हैं। सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं।

इन सभी दोषियों को सोमवार को सजा सुनाई जानी है। फिलहाल अदालत ने फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया है। वहीं, इस मामले में दो महिलाओं परमजीत कौर और कुलविंदर कौर के खिलाफ कोई भी दोष साबित होने पर बरी कर दिया। दोषी करार दिए जाने पर सभी अदालत में ही चीख-चीख कर रोने लगे और रहम की भीख मांगने लगे।

यह है मामला
दोषियों का ट्रांसपोर्ट का काम था। यह लोग अपने ट्रकों में मलट्ठी और अन्य सामान भरकर विभिन्न स्थानों पर डिलीवर करने के लिए लेकर जाते थे। किसी व्यक्ति ने शिकायत कर दी कि दोषी माल भरने के बाद ट्रक अपने गांव ले आते हैं और उसमें से काफी सामान निकाल लेते हैं। इस बात का पता चलने पर माल लोड करवाने वाले व्यापारियों ने दोषियों पर नजर रखी।

दोषियों को सामान निकालते देखा तो व्यापारियों ने इनकी ट्रांसपोर्ट बुक करनी बंद कर दी। दोषियों का काम धीरे-धीरे कम हो गया। दोषियों को शक था कि उनकी शिकायत मनपिंदर सिंह और उसके परिवार वालों ने की है। इसके तहत वह मनपिंदर से रंजिश रखने लगे। 27 अगस्त 2013 को मनपिंदर सिंह गांव में ही मौजूद था। रंजिश के तहत सभी दोषी हथियारों से लैस होकर आए और आते ही मनपिंदर उसके परिवार पर हमला कर दिया।

दोषियों ने जान से मारने की नीयत से सीधी गोलियां चलाई जिससे गोली मनपिंदर को लगी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इसके बाद सभी दोषी मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जायजा लिया और गांव के ही एक चश्मदीद नरिंदर सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया था।

कानून माहिरों का मानना है कि नौजवान युवक की हत्या के अलावा इस केस में हत्या प्रयास और अन्य भी कुछ धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। ऐसे में इस तरह के मामलों में दोषी पाए गए लोगों के लिए उम्रकैद और फांसी तक की सजा का प्रावधान है। क्योंकि फांसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर बहस चल रही है।

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Vikas das
विकास ने वर्ष 2014 से टीवी रिपोर्ट के रूप में काम करना शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने कई समाचार चैनल और समाचार वेबसाइट में काम किया। उसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने रोजगार रथ में वरिष्ठ संपादक के रूप में काम करना शुरू किया।