एम्स के 15 प्राइवेट बेडों का उद्घाटन कर किया गया जनता को समार्पित

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एम्स के 15 प्राइवेट बेडों का उद्घाटन कर किया गया जनता को समार्पित

पटना| एम्स, पटना के इंस्टीटय़ूट बॉडी के प्रेसीडेंट डॉ.नरेंद्र कुमार अरोड़ा (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, इनक्लेन) ने एम्स का दौरा कर 15 प्राइवेट बेडों का उद्घाटन कर जनता को समार्पित किया। अब प्राइवेट बेड की संख्या बढ़कर 18 हो गयी है। उन्होंने इमरजेसी एंड टॉमा अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, रेडियोडायग्नोसिस, ईएनटी विभाग एवं ब्लड बैंक , समेत विभिन्न विभागों में जाकर निरीक्षण किया। संस्थान की प्रगति का ब्योरा लेने के बाद डॉ.अरोड़ा ने कहा कि बीते दो वषों में संस्थान ने जबरदस्त उपलब्धियां हासिल की हैं।

फैकल्टी के 190 पद अब भी खाली हैं, जिन पर जल्द बहाली होगी। उन्होंने कहा कि महज अधिक संख्या में मरीज देखना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि जरूरी है कि इलाज का ऐसा पैटर्न विकसित किया जाए, जिसका लाभ बड़े संस्थानों के साथ ही प्राथमिक स्वास्य केन्द्रों तक को मिल सके। इस दौरान उन्होंने ‘‘आविष्कार’ से जुड़े इंटर्न चिकित्सकों की प्रशंसा की। ‘‘आविष्कार’ के तहत एम्स पटना के मेडिकल छात्र नई खोज के जरिए सस्ती दर पर बेहतर स्वास्य सुविधाएं देने क प्रयास करते हैं। मरीजों के लिए धर्मशाला, एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक और मल्टी लेवल पाकिर्ंग की उन्होंने सख्त जरूरत बताई। नीरीक्षण के दौरान वार्ड में भर्ती मरीज और परिजनोंसे बात चीत भी किया और एम्स के द्वारा मिलने वाली सारी सुविधाओं का फीड बेक लिया ।

डा अरोडा ने भवन कार्य का भी फीड बैक लिया और बताया कि मेडिकल कॉलेज का काम 100 फीसद, अस्पताल के ’’डी’’ एवं ’’सी’’ ब्लॉक का काम 96 फीसद, ’’ए’’ एवं ’’बी’’ ब्लॉक का काम 85 फीसद, ओपीडी का काम 95 फीसद, ट्रॉमा ब्लॉक का काम 100 फीसद, ऑडिटोरियम का काम 85 फीसद, मॉडय़ूलर ओटी का काम 50 प्रतिषत, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम का काम 75 फीसद पूरा हो चुका । उप चिकित्साधीक्षक डॉ.लोकेश तिवारी ने एम्स पटना की सुविधाओं पर प्रस्तुति दी, जिसके मुताबिक वर्तमान में संस्थान की आईपीडी में 668 बेड, विभिन्न आईसीयू में 42 बेड और एचडीयू में 18 बेड हैं। यह भी बताया कि इस साल से एम्स में 78 पीजी सीटें होंगी और पीएचडी कोर्स शुरू होगा।

 

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Shivani Jain
शिवानी रोजगार रथ में रिपोर्ट है। शिवानी ने राजनीति, बिजनेस और अन्य न्यूज़ से संबंधित कई न्यूज़ लिखी है। उन्होंने वर्ष 2014 से रिपोर्टिंग शुरू की थी। दो साल के बाद शिवानी ने वर्ष 2016 से रोजगार रथ में काम करना शुरू किया।