आईएएस की नौकरी ही सबकुछ नहीं होती ऐसा कहना है JET के संस्थापक ‘प्रतीक भारद्वाज’ का

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आईएएस की नौकरी ही सबकुछ नहीं होती ऐसा कहना है JET के संस्थापक ‘प्रतीक भारद्वाज’ का
प्रतीक भारद्वाज सिर्फ एक नाम नहीं आज के युवाओ के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। प्रतीक की लाइफ की शुरुआत भी आम छात्रों की तरह ही थी लेकिन वह हमेशा से कुछ ऐसा करने की चाहत रखते थे जिससे वह अपने साथ -साथ कई लोगों की मदद कर सके।
उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आईईएस में टॉप करने के बाद भी गवर्नमेंट नौकरी को छोड़ कर एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट पर काम किया। आज इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन का प्रयोग जापान की एक कंपनी कर रही है।
जब वह अपने आस -पास के लोगों से मिले तो देखा की युवा अच्छी जॉब तो करना चाहते है लेकिन सिर्फ फॉर्मल एजुकेशन  बेस पर यह संभव नहीं है। तो प्रतिक ने ऐसे बच्चो की मदद की जो कुछ करना तो चाहते थे लेकिन रास्ता नहीं था। उनको अलग -अलग फील्ड में काम सीखाया जैसे वेब डिजाइन , प्रोग्रामिंग वीडियो मेकिंग आदि।
प्रतीक इन बच्चो के रूचि के अनुसार उनको चीजो का प्रैक्टिकल ज्ञान देते है। मध्यप्रदेश के लगभग 10,000 बच्चों को इन चीजो का ज्ञान दिया। सभी बच्चे आज कई बड़ी कंपनियों में काम कर रहे है।
इतने बच्चो की मदद करने के बाद भी उनको लगता है कि उनको कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे वह कम समय में ज्यादा से ज्यादा बच्चो की मदद कर सके। तो उन्होंने JET एग्जाम की शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने कई कंपनियों से टॉय -अप किये जिससे बच्चे इन कंपनियों में जा कर इंटर्नशिप और जॉब पा  सके।
JET एग्जाम के पहले ही एग्जाम में लाखों बच्चो ने भाग लिया और एग्जाम के सभी राउंड सफलता पूर्वक पार करने के बाद वह संविदा पदों पर कार्य कर रहे है। प्रतीक का विश्वास है कि यदि युवाओ को प्रैटिक्ल ज्ञान दे तो वह कार्य क्षेत्र में ज्यादा कुशल हो पाएंगे।
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Mukesh Srivastava
मुकेश श्रीवास्तव रोजगार रथ में संपादक के पद पर कार्यरत है। रोजगार रथ में मुकेश खेल जगत से जुडी खबरे लिखते है। वह कई न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम कर चुके है। मुकेश ने अपनी पढाई NIT कॉलेज से पूरी की है। NIT से पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम करना शुरू किया।